सम्माननीय बंधुओं ,सादर वन्देमातरम |
भारतीय लोकतंत्र के लिए आजादी के बाद का सबसे कमजोर और गलतियों भरा दिनथा ६ अप्रेल का दिन नक्सलवाद को अंकुश मैं लाने के लिए केंद्र सरकार के प्रयत्न तो जारी ही है बावजूद इसके हम नक्षलवादियों को मुह तोड़ जवाब क्यों नही दे पा रहें हैं ? क्या अब भारतीय सेना को लोकल उग्रवाद से रूबरू नही होना चाहिए |
दतावादा मैं शहीद हुये७६ भारतीय जवानो की शहीदी व्यर्थ ना जाये इसका हर भारतीय को अपनेदेश में फ़ैल रहे इन राष्ट्रद्रोही ताकतों वाले लोगो को सरकार के साथ मिलकर हमें प्रयत्न करने चाहिय|
७६ जवानों कीशहीदी कोसलाम देतेहुये ---श्रदांजली |
जय राष्ट्रवाद
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