मेरे प्यारे भारत वासियों,
सादर वंदेमातरम|
आप जानतें हैं की आज कुछ संकीरण सोचवाले प्रांतवाद की बातें कर के हमारी राष्ट्रीयता को खंडित करना चाहतें हैं | भारत सरकार ऐसे प्रन्त्वादियों को राष्ट्रीय एकता को तोड़ने का प्रयास करनेवाले देश द्रोहियों को सबक क्यों नही सिखाती ?आज महाराष्ट्र के लोगों में भारतीयता डीएम तोड़ रही हैं उसकेलिए जिम्मेदार हैं वे लोग जो महाराष्ट्र को भारत से बड़ा मानते हैं ,मनवाने का निक्रश्त्तं प्रयाश कर रहें हैं | भारतीयता का मजाक उडाया जा रहा हैं |राष्ट्र भाषा का विरोध किया जा रहा हैं |आप हम क्यों चुप हैं मेरी समज में नही आता |
प्रान्त्वादियो को सजा मिलनी चाहिए |
कोई तो इस मर्ज की दवा होनी चाहिए
Sunday, January 31, 2010
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